राज्य पूंजीगत व्यय से GDP में वृद्धि: SASCI योजना 2026
परिचय
भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास यात्रा को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। 2026 की एक हालिया रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि राज्य पूंजीगत व्यय (State Capital Expenditure - Capex) सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का प्रभावशाली 2.7% तक पहुंच गया है। यह वृद्धि बड़े पैमाने पर केंद्र सरकार की सक्रिय SASCI (Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment) योजना से प्रेरित है। यह विकास भारत के आर्थिक विकास पथ के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है, जो बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए, यह आर्थिक खबर करंट अफेयर्स और भारतीय अर्थव्यवस्था के खंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों और विकास नीतियों को दर्शाता है।
मुख्य विवरण
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में राज्य सरकारों द्वारा किया गया पूंजीगत व्यय अभूतपूर्व रूप से GDP का 2.7% तक पहुंच गया है। यह वृद्धि पिछले कई वर्षों की तुलना में एक महत्वपूर्ण उछाल है और यह मुख्य रूप से केंद्र सरकार की पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) के कारण संभव हुई है। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार राज्यों को ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करती है, जिसका उपयोग विशेष रूप से पूंजीगत परियोजनाओं में निवेश के लिए किया जाना चाहिए। इन परियोजनाओं में सड़कें, पुल, सिंचाई परियोजनाएं, शहरी बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाएं शामिल हैं। SASCI योजना का उद्देश्य राज्यों की वित्तीय स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना उन्हें दीर्घकालिक संपत्ति बनाने और उत्पादक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना ने राज्यों को अपनी वित्तीय बाधाओं के बावजूद महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को शुरू करने और पूरा करने में सक्षम बनाया है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हुआ है और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो सरकारी नौकरी के उम्मीदवारों को भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता को समझने में मदद करेगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
भारत में पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने का विचार नया नहीं है। ऐतिहासिक रूप से, केंद्र सरकार ने आर्थिक मंदी के दौरान या विकास को गति देने के लिए राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए प्रोत्साहित किया है। कोविड-19 महामारी के बाद, आर्थिक सुधार को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय को एक प्रमुख चालक के रूप में देखा गया है। SASCI योजना को इसी संदर्भ में 2020-21 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महामारी के कारण राज्यों की वित्तीय स्थिति पर पड़े नकारात्मक प्रभाव को कम करना और उन्हें विकासोन्मुखी निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना था। यह योजना भारत के सहकारी संघवाद की भावना को भी दर्शाती है, जहां केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए काम करती हैं। यह योजना राज्यों को अपनी राजकोषीय स्थिति को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी मदद करती है।
प्रभाव और महत्व
राज्य पूंजीगत व्यय में यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई सकारात्मक प्रभाव डालती है। सबसे पहले, यह आर्थिक विकास को गति देता है, क्योंकि बुनियादी ढांचे में निवेश से उत्पादक क्षमता बढ़ती है। दूसरा, यह रोजगार सृजन करता है, खासकर निर्माण क्षेत्र में, जिससे बेरोजगारी दर में कमी आती है। तीसरा, बेहतर बुनियादी ढांचा निजी निवेश को आकर्षित करता है, जिससे अर्थव्यवस्था में और वृद्धि होती है। चौथा, यह राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करता है, क्योंकि ब्याज-मुक्त ऋण उन्हें अपने संसाधनों को अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आवंटित करने की अनुमति देता है। अंत में, यह भारत को एक वैश्विक विनिर्माण और व्यापार केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करता है, क्योंकि बेहतर सड़कें, बंदरगाह और अन्य बुनियादी ढांचे व्यापार और वाणिज्य को सुविधाजनक बनाते हैं। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक विकास के लिए एक मजबूत नींव तैयार करता है।
परीक्षा के लिए महत्व
- UPSC: Prelims में GDP, पूंजीगत व्यय, SASCI योजना और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित प्रश्न आ सकते हैं। Mains में GS-III (अर्थव्यवस्था, अवसंरचना) और GS-II (शासन, केंद्र-राज्य संबंध, राजकोषीय संघवाद) के तहत आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सरकारी नीतियों के प्रभाव पर चर्चा के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है।
- SSC: General Awareness सेक्शन में भारतीय अर्थव्यवस्था, GDP के घटक, सरकारी योजनाएं (SASCI) और बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित सीधे प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
- Banking: IBPS PO, SBI PO जैसी परीक्षाओं में आर्थिक संकेतक, सरकारी व्यय के प्रकार, राजकोषीय नीति और उनके आर्थिक प्रभाव पर आधारित प्रश्न आ सकते हैं।
संभावित परीक्षा प्रश्न
- प्रश्न 1 — राज्य पूंजीगत व्यय क्या है और यह सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को कैसे प्रभावित करता है?
- प्रश्न 2 — पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- प्रश्न 3 — पूंजीगत व्यय में वृद्धि से भारत में रोजगार सृजन और निजी निवेश को कैसे बढ़ावा मिलता है?
याद रखने योग्य तथ्य
- 2026 में राज्य पूंजीगत व्यय GDP का 2.7% तक पहुंच गया।
- SASCI का पूर्ण रूप Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment है।
- यह योजना राज्यों को पूंजीगत परियोजनाओं के लिए ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करती है।
- लक्ष्य: बुनियादी ढांचे का विकास, आर्थिक विकास और रोजगार सृजन।
- SASCI योजना सहकारी संघवाद का एक उदाहरण है।
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